आर्कटिक महासागर की बर्फ 2044 से 2067 के बीच हो जाएगी खत्म

एक अध्ययन के मुताबिक मानव जनित जलवायु परिवर्तन के चलते 2044 से 2067 के दौरान आर्कटिक महासागर में मौजूद बर्फ खत्म हो जाएगी। लॉस एंजिलिस स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने हालांकि इसके साथ ही कहा है कि जब तक मनुष्य पृथ्वी पर है तब तक आर्कटिक क्षेत्र पर बर्फ रहेगी। सर्दियों में जहां इस बर्फ का क्षेत्रफल बढ़ेगा वहीं गर्मियों में कम होगा। बर्फ पिघलने में प्रति दशक 13 फीसद की गिरावट सेटेलाइट अध्ययन बताते हैं कि सितंबर के दौरान जब आर्कटिक महासागर में सबसे कम बर्फ होती है, उसमें प्रति दशक 13 फीसद की गिरावट देखी जा रही है। यह क्रम साल 1979 से चल रहा है। दरअसल, जलवायु परिवर्तन के आंकड़ों पर भरोसा करने वाले वैज्ञानिक कई दशकों से आर्कटिक की बर्फ पिघलने को लेकर भविष्यवाणी कर रहे हैं, लेकिन नेचर क्लाइमेट चेंज नामक पत्रिका में प्रकाशित लेख उनके अध्ययन के प्रकार को लेकर सहमत नहीं है।